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HINDI SONNETS

Tuesday, 29 May 2012

"गरीब"


सड़क किनारे सोने वाला;

केवल जानवर ही नहीं हो सकता;

कूडे से बीन के खाने वाला;

केवल जानवर ही नहीं हो सकता;

क्या कहूँ उस शख्स को;

लेकिन शायद वो इंसान भी नहीं हो सकता;

अमीर  लोगों की  भाषा में;

उसे इंसान नहीं "गरीब" कहते है;

अरे! कोई पूछो जा कर उन से;

की वो किस तरह रहते है;

जब दो वक़्त की रोटी को उनका बच्चा तरसता है;

मांगने आते है रोटी,लेकिन हर कोई उन पर बरसता है;

अरे! कुत्ते को भी दो वक़्त की रोटी मिल जाती है;

उसे तो आराम से जीने को एक जिंदगी मिल जाती है;

बिन वस्त्र घुमने वाला;

केवल जानवर ही नहीं हो सकता;

सर्दियों में सीमट के सोने वाला;

केवल जानवर ही नहीं हो सकता;

और तो और सच बोलने वाला इंसान नहीं हो सकता;

क्या कहूँ उस शख्स को;

लेकिन पेट पालने के लिए सच्चा तो "गरीब" भी नहीं हो सकता;

 

                           ----------------------------अज्जू निगम